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गोपालकृष्ण ग्राम पुरस्कार: आपकी गाय देती है 6 लीटर दूध? मिल सकता है ₹1 लाख का इनाम, 28 अक्टूबर तक करें आवेदन

रिपोर्ट: प्राजंली पातुरकरसंपादन: डॉ. सुदीप शुक्लKisan Culture
गोपालकृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना 2026 का फीचर ग्राफिक, दुधारू गायों के साथ ₹1 लाख पुरस्कार और 6 लीटर दूध की पात्रता की जानकारी

गोपालकृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना मध्यप्रदेश के चयनित गांवों में गाय पालने वाले किसानों के लिए बड़ा अवसर लेकर आई है। यदि किसी पात्र पशुपालक की भारतीय उन्नत नस्ल की गाय प्रतिदिन कम से कम 6 लीटर दूध देती है, तो वह ₹1 लाख तक के पुरस्कार वाली प्रतियोगिता में भाग ले सकता है। मंडला जिले में आवेदन की अंतिम तारीख 28 अक्टूबर 2026, शाम 4 बजे निर्धारित है। वहीं, खरगोन के छह चयनित गांवों में भी प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। जानिए कौन आवेदन कर सकता है, दूध की जांच कैसे होगी और विजेता का चयन किस आधार पर किया जाएगा।

किसान कल्चर, भोपाल: मध्यप्रदेश में गाय पालने वाले किसानों के लिए दूध उत्पादन अब नकद पुरस्कार जीतने का अवसर भी बन सकता है। प्रदेश के चयनित वृंदावन ग्रामों में ऐसी गायों की प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है, जो प्रतिदिन कम से कम 6 लीटर दूध देती हैं। सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाली गाय के पात्र पशुपालक को ₹1 लाख का प्रथम पुरस्कार मिलेगा। दूसरे स्थान के लिए ₹50 हजार और तीसरे स्थान के लिए ₹25 हजार की राशि निर्धारित है। प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए मंडला जिले में 28 अक्टूबर तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

पशुपालन एवं डेयरी विभाग की इस पहल का उद्देश्य भारतीय उन्नत नस्ल की दुधारू गायों को बढ़ावा देना और पशुपालकों को बेहतर पशु प्रबंधन के लिए प्रोत्साहित करना है। प्रतियोगिता में गाय की वास्तविक दूध उत्पादन क्षमता का परीक्षण होगा। इसके आधार पर विजेता पशुपालकों का चयन किया जाएगा।

मंडला से जारी विभागीय सूचना के मुताबिक, चयनित विजेताओं को 9 नवंबर 2026 को भोपाल में आयोजित होने वाले प्रदेश स्तरीय गोवर्धन पूजा कार्यक्रम में सम्मानित और पुरस्कृत किया जाएगा।

गोपालकृष्ण ग्राम पुरस्कार में कौन जीत सकता है ₹1 लाख?

गोपालकृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना 2026 में ₹1 लाख तक पुरस्कार, 6 लीटर दूध की पात्रता और 28 अक्टूबर तक आवेदन की जानकारी
गोपालकृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना में प्रथम पुरस्कार ₹1 लाख, द्वितीय ₹50 हजार और तृतीय ₹25 हजार है। मंडला जिले के चयनित गांवों में पात्र पशुपालक 28 अक्टूबर 2026, शाम 4 बजे तक आवेदन कर सकते हैं। (इंफोग्राफिक: किसान कल्चर)

प्रतियोगिता में भारतीय उन्नत नस्ल की दुधारू गाय रखने वाले पात्र पशुपालक भाग ले सकते हैं। इसके लिए गाय का प्रतिदिन दूध उत्पादन कम से कम 6 लीटर होना जरूरी है।

हालांकि, केवल छह लीटर दूध उत्पादन होने से पुरस्कार नहीं मिलेगा। यह प्रतियोगिता में भाग लेने की पात्रता है। विजेता का चयन निर्धारित प्रक्रिया में दर्ज दूध उत्पादन और विभागीय नियमों के आधार पर किया जाएगा।

योजना के अंतर्गत तीन पुरस्कार निर्धारित किए गए हैं।

स्थानपुरस्कार राशि
पहला पुरस्कार₹1,00,000
दूसरा पुरस्कार₹50,000
तीसरा पुरस्कार₹25,000

प्रतियोगिता चयनित वृंदावन ग्रामों में आयोजित होगी। इसलिए केवल गाय की उत्पादन क्षमता पर्याप्त नहीं है। पशुपालक का संबंधित चयनित गांव से होना भी जरूरी है।

गोपालकृष्ण ग्राम पुरस्कार: 28 अक्टूबर शाम 4 बजे तक आवेदन, जानें कहां मिलेगा फॉर्म

मंडला जिले में प्रतियोगिता के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 है।

पशुपालकों को शाम 4 बजे तक आवेदन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

इच्छुक पशुपालक अपने नजदीकी पशुपालन एवं डेयरी विभाग की संस्था या विभागीय कर्मचारियों से आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं। आवेदन भरकर संबंधित कार्यालय अथवा विभागीय अमले के माध्यम से जमा किया जा सकता है।

आवेदन से पहले पशुपालकों को अपनी गाय की नस्ल, पहचान और दूध उत्पादन संबंधी जानकारी तैयार रखनी चाहिए।

यदि विभाग ने पशु पहचान, पंजीयन या अन्य दस्तावेज निर्धारित किए हैं, तो उनकी जानकारी स्थानीय पशु चिकित्सा संस्था से प्राप्त करें।

ध्यान दें कि 28 अक्टूबर शाम 4 बजे की स्पष्ट समय-सीमा मंडला जिले की सूचना में दी गई है। खरगोन और दूसरे जिलों के पशुपालक अपनी स्थानीय आवेदन समय-सीमा की पुष्टि करें।

गाय कितना दूध देती है, इसकी जांच कैसे होगी?

प्रतियोगिता में दावा किए गए दूध उत्पादन के बजाय निर्धारित समय पर गाय से प्राप्त वास्तविक दूध को मापा जाएगा।

मंडला जिले में दूध दोहन का कार्यक्रम 30 अक्टूबर को सुबह और शाम तथा 31 अक्टूबर को सुबह रखा गया है।

इस प्रकार गाय के दूध उत्पादन की तीन माप दर्ज की जाएंगी। इनका औसत निकालकर प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा।

मूल्यांकन की प्रक्रिया विकासखंड स्तरीय समिति की निगरानी में पूरी होगी।

यह व्यवस्था अधिक दूध देने वाली गायों की पहचान करने और पशुपालकों के प्रदर्शन का निर्धारित मानकों पर मूल्यांकन करने के लिए अपनाई जा रही है।

गोपालकृष्ण ग्राम पुरस्कार: मंडला के इन तीन गांवों के पशुपालकों को मिलेगा अवसर

मंडला जिले में तीन विकासखंडों के चयनित वृंदावन ग्रामों के पशुपालकों को प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है।

नैनपुर विकासखंड: पिंडरई गांव

घुघरी विकासखंड: घुघरी गांव

नारायणगंज विकासखंड: कूड़ामैली गांव

इन गांवों के पात्र पशुपालकों को 28 अक्टूबर शाम 4 बजे तक आवेदन जमा करना होगा।

प्रतियोगिता में शामिल होने से पहले पशुपालकों को विभागीय संस्था से गाय की पात्रता और दूध दोहन की पूरी प्रक्रिया समझ लेनी चाहिए।

खरगोन के इन 6 गांवों में भी होगी दूध उत्पादन प्रतियोगिता

खरगोन जिले में गोपालकृष्ण ग्राम पुरस्कार प्रतियोगिता के लिए छह वृंदावन ग्राम चयनित किए गए हैं।

ये गांव टेमला, बोरावा, चोली, बैड़िया, सेल्दा और सेगावा हैं।

खरगोन के पशुपालन एवं डेयरी विभाग के उपसंचालक डॉ. जी.एस. सोलंकी के अनुसार, इन गांवों में 28 से 31 अक्टूबर 2026 के बीच प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।

उन्होंने चयनित गांवों के पशुपालकों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है।

हालांकि, खरगोन के प्रत्येक गांव में प्रतियोगिता की अलग तारीख, समय और पंजीयन की अंतिम समय-सीमा की पुष्टि स्थानीय पशुपालन कार्यालय से करनी चाहिए।

गोपालकृष्ण ग्राम पुरस्कार: भारतीय नस्ल की गायों को क्यों दिया जा रहा प्रोत्साहन?

पशुपालन ग्रामीण परिवारों की आय का महत्वपूर्ण जरिया है। कई किसान खेती के साथ गाय पालन कर दूध बेचते हैं और नियमित नकद आय प्राप्त करते हैं।

गोपालकृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना का उद्देश्य ऐसी गायों और पशुपालकों को पहचान देना है, जो बेहतर दुग्ध उत्पादन कर रहे हैं।

इस पहल से भारतीय उन्नत नस्ल की गायों के पालन तथा वैज्ञानिक पशुपालन पद्धतियों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

हालांकि, अच्छी नस्ल के साथ सही पोषण और स्वास्थ्य प्रबंधन भी जरूरी है। गाय का दूध उत्पादन उसकी उम्र, ब्यांत की अवस्था, संतुलित आहार, स्वच्छ पानी और स्वास्थ्य के अनुसार बदलता है।

पशुपालकों को किसी प्रतियोगिता के लिए असुरक्षित तरीके से दूध उत्पादन बढ़ाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। पशु का स्वास्थ्य और नियमित देखभाल प्राथमिकता होनी चाहिए।

9 नवंबर को भोपाल में सम्मानित होंगे विजेता

मंडला जिले की विभागीय सूचना के अनुसार, प्रतियोगिता में चयनित विजेता पशुपालकों का सम्मान 9 नवंबर 2026 को भोपाल में आयोजित प्रदेश स्तरीय गोवर्धन पूजा कार्यक्रम में किया जाएगा।

इस आयोजन का उद्देश्य बेहतर दूध उत्पादन करने वाले पशुपालकों को प्रोत्साहित करना और उनके काम को पहचान देना है।

विभाग की अपेक्षा है कि ऐसी प्रतियोगिताओं से चयनित गांवों के अन्य पशुपालक भी बेहतर पशु पोषण, देखभाल और डेयरी प्रबंधन की ओर प्रेरित होंगे।

आवेदन करने से पहले पशुपालक इन बातों की पुष्टि करें

प्रतियोगिता में शामिल होने से पहले यह जांचना जरूरी है कि आपका गांव चयनित वृंदावन ग्रामों की सूची में शामिल है या नहीं।

इसके बाद स्थानीय पशुपालन विभाग से आवेदन पत्र, जरूरी दस्तावेज, गाय की पहचान और दूध दोहन के समय की जानकारी प्राप्त करें।

मंडला जिले के पात्र पशुपालकों के लिए 28 अक्टूबर शाम 4 बजे की समय-सीमा महत्वपूर्ण है। वहीं, खरगोन के चयनित गांवों में प्रतियोगिता 28 से 31 अक्टूबर के बीच आयोजित होनी है।

योजना का लाभ उठाने के इच्छुक पशुपालक समय रहते विभाग से संपर्क करें। सही जानकारी और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने से प्रतियोगिता में भाग लेने में आसानी होगी।