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प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना: आदिवासी किसानों को 60% तक अनुदान का प्रावधान, 30 अक्टूबर तक करें आवेदन; जानें पात्रता और जरूरी दस्तावेज

रिपोर्ट: प्राजंली पातुरकरसंपादन: डॉ. सुदीप शुक्लKisan Culture
मुरैना कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों और अन्य उपस्थित लोगों की बैठक का दृश्य

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के जनजातीय किसानों के लिए मत्स्य पालन से रोजगार और आय बढ़ाने का अवसर है। पहाड़गढ़ विकासखंड के चयनित 18 गांवों के पात्र अनुसूचित जनजाति हितग्राही 30 अक्टूबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। योजना के तहत तालाब निर्माण, बायोफ्लॉक, फिश हैचरी, फीड मिल और मछलियों के परिवहन जैसी गतिविधियों में सहायता का प्रावधान है। जानिए किन किसानों को लाभ मिलेगा, कितना अनुदान मिल सकता है और आवेदन के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी हैं।

किसान कल्चर, मुरैना: मुरैना जिले के पहाड़गढ़ विकासखंड के 18 चयनित गांवों में रहने वाले अनुसूचित जनजाति वर्ग के मत्स्य कृषकों के लिए अपनी आजीविका मजबूत करने का अवसर आया है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। पात्र हितग्राही 30 अक्टूबर 2026 तक मुरैना के सहायक संचालक, मत्स्योद्योग कार्यालय में आवेदन जमा कर सकते हैं। योजना के अंतर्गत मत्स्य पालन, मछली बीज उत्पादन, तालाब निर्माण और परिवहन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।

सहायक संचालक, मत्स्योद्योग राजेश कुमार शर्मा के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य जनजातीय समुदायों को मत्स्य पालन से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में मदद करना है। पात्र हितग्राही अपनी आवश्यकता और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार निर्धारित गतिविधियों के लिए आवेदन कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना में 60% तक अनुदान का प्रावधान

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत अनुसूचित जनजाति वर्ग के पात्र हितग्राहियों के लिए कई लाभार्थी-केंद्रित गतिविधियों में स्वीकृत इकाई लागत का 60 प्रतिशत तक सरकारी अनुदान देने का प्रावधान है। सामान्य श्रेणी के लिए यह सहायता आमतौर पर 40 प्रतिशत तक निर्धारित है।

उदाहरण के लिए, यदि किसी पात्र गतिविधि की स्वीकृत इकाई लागत ₹10 लाख है और उस पर 60 प्रतिशत सहायता लागू होती है, तो सरकारी अनुदान ₹6 लाख तक हो सकता है। शेष ₹4 लाख की व्यवस्था हितग्राही को करनी होगी।

हालांकि, वास्तविक अनुदान संबंधित गतिविधि, स्वीकृत इकाई लागत, लागू दिशानिर्देश और विभागीय मंजूरी पर निर्भर करेगा। मुरैना में आमंत्रित आवेदनों के लिए प्रत्येक गतिविधि की राशि और पात्रता की पुष्टि मत्स्योद्योग कार्यालय से करना जरूरी है।

तालाब निर्माण से लेकर बायोफ्लॉक तक इन गतिविधियों में मिलेगा अवसर

विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, योजना में मत्स्य पालन से संबंधित कई गतिविधियों को शामिल किया गया है।

  • बायोफ्लॉक पॉण्ड: नियंत्रित जल प्रणाली में मछली पालन की तकनीक।
  • तालाब निर्माण: स्वयं की भूमि पर मत्स्य पालन के लिए नए तालाब तैयार करना।
  • आरएएस (RAS): पानी को उपचारित करके दोबारा इस्तेमाल करने वाली पुनर्चक्रणीय जलीय कृषि प्रणाली।
  • फीड मिल: मछलियों के आहार निर्माण से जुड़ी इकाई।
  • फिश हैचरी: मछली बीज उत्पादन से संबंधित सुविधा।
  • आइस प्लांट: मछलियों के संरक्षण और भंडारण के लिए बर्फ उत्पादन।
  • मोटरसाइकिल विद आइस बॉक्स: मछलियों के परिवहन और बिक्री की सुविधा।
  • इंसुलेटेड वाहन: मछलियों को सुरक्षित तरीके से बाजार तक पहुंचाने के लिए वाहन।

इन गतिविधियों से मत्स्य पालन के साथ प्रसंस्करण, परिवहन और विपणन से जुड़े स्वरोजगार के अवसर भी विकसित हो सकते हैं।

पहाड़गढ़ के किन किसानों को मिलेगा योजना का लाभ?

इस विशेष आवेदन प्रक्रिया में मुरैना जिले के पहाड़गढ़ विकासखंड के चयनित 18 ग्रामों के अनुसूचित जनजाति वर्ग के पात्र मत्स्य कृषक आवेदन कर सकते हैं।

योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति को विभाग द्वारा निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी।

यह ध्यान रखना जरूरी है कि जिले के सभी गांवों के लिए यह आवेदन आमंत्रण नहीं है। विभागीय सूचना में केवल 18 चयनित गांवों का उल्लेख किया गया है। इसलिए आवेदन करने से पहले अपने गांव का नाम पात्र सूची में होने की पुष्टि कार्यालय से करें।

आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?

आवेदन करने वाले हितग्राहियों को निर्धारित आवेदन पत्र के साथ निम्न दस्तावेज संलग्न करने होंगे:

दस्तावेज चेकलिस्टभूमि संबंधी खसराखतौनी और भूमि का नक्शाअनुसूचित जनजाति का जाति प्रमाण-पत्रआधार कार्डसमग्र आईडीबैंक पासबुक की छायाप्रतिपासपोर्ट आकार का फोटो

0 / 7 दस्तावेज तैयार रीसेट

भूमि संबंधी दस्तावेज विशेष रूप से उन गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण हैं जिनमें स्वयं की जमीन की आवश्यकता होती है। दूसरी गतिविधियों की अलग शर्तें हो सकती हैं। इसलिए आवेदन जमा करने से पहले संबंधित गतिविधि के लिए जरूरी दस्तावेजों की पूरी जानकारी विभाग से प्राप्त करें।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना में आवेदन कैसे करें?

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना मुरैना में आवेदन की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर 2026, कार्यालय का पता और संपर्क नंबर
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मुरैना के पहाड़गढ़ विकासखंड के 18 चयनित गांवों के पात्र जनजातीय मत्स्य कृषक 30 अक्टूबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन नवीन कलेक्ट्रेट स्थित मत्स्योद्योग कार्यालय में जमा होंगे।

आवेदन की प्रक्रिया इस प्रकार है:

  1. पहले यह सुनिश्चित करें कि आपका गांव पहाड़गढ़ विकासखंड के चयनित 18 गांवों में शामिल है।
  2. मुरैना के सहायक संचालक, मत्स्योद्योग कार्यालय से निर्धारित आवेदन प्रारूप और गतिविधि की जानकारी प्राप्त करें।
  3. अपनी पात्रता और संसाधनों के अनुसार मत्स्य पालन से जुड़ी गतिविधि का चयन करें।
  4. आवेदन पत्र भरकर आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें।
  5. पूरा आवेदन 30 अक्टूबर 2026 तक संबंधित कार्यालय में जमा करें और प्राप्ति का प्रमाण सुरक्षित रखें।

विभागीय सूचना के अनुसार, इच्छुक हितग्राही योजना की विस्तृत जानकारी के लिए कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। आवेदन से पहले चयनित गांवों की सूची, परियोजना की पात्रता, अनुदान की वास्तविक राशि और आवश्यक दस्तावेजों की पुष्टि कर लेना उचित होगा।

जनजातीय क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर

पहाड़गढ़ विकासखंड के चयनित गांवों में इस योजना के माध्यम से मत्स्य पालन की नई गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने की संभावना है।

तालाब निर्माण और आधुनिक मछली पालन प्रणालियों से जहां उत्पादन बढ़ाने के अवसर मिल सकते हैं, वहीं आइस बॉक्स, इंसुलेटेड वाहन और फीड मिल जैसी गतिविधियों से मछली पालन के आसपास छोटे कारोबार भी विकसित हो सकते हैं।

हालांकि, किसी भी परियोजना से होने वाली आय उसकी लागत, तकनीक, उत्पादन, बाजार और प्रबंधन पर निर्भर करती है। इसलिए किसानों को निवेश करने से पहले विभागीय मार्गदर्शन और परियोजना की व्यवहार्यता का आकलन करना चाहिए।