तेंदूपत्ता बोनस: MP के 21 लाख संग्राहकों को मिलेंगे ₹139 करोड़, 9.04 लाख के खातों में ₹36.17 करोड़

मध्यप्रदेश में तेंदूपत्ता बोनस का वितरण शुरू हो गया है। मंडला में आठ वन मंडलों के 9 लाख 4 हजार 126 तेंदूपत्ता संग्राहकों को ₹36.17 करोड़ का वर्ष 2024 का बोनस दिया गया, जबकि प्रदेशभर के 21 लाख से अधिक संग्राहकों को कुल ₹139 करोड़ से ज्यादा बोनस वितरित किया जाएगा। मंडला की 84 वन समितियों के करीब 40 हजार सदस्यों को ₹26.56 करोड़ काष्ठ लाभांश भी मिला है
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किसान कल्चर, मंडला: मध्यप्रदेश में तेंदूपत्ता संग्रह से जुड़े लाखों परिवारों के लिए वर्ष 2024 के तेंदूपत्ता बोनस का वितरण शुरू हो गया है। रविवार को मंडला में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आठ वन मंडलों के 9,04,126 तेंदूपत्ता संग्राहकों को ₹36,17,37,518 की बोनस राशि का अंतरण किया।
राज्य सरकार के अनुसार प्रदेश के 21 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2024 के तेंदूपत्ता बोनस के रूप में ₹139 करोड़ से अधिक वितरित किए जाएंगे। मंडला में हुआ वितरण इस प्रदेशव्यापी भुगतान का हिस्सा है।
तेंदूपत्ता संग्रह मध्यप्रदेश के कई वन क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के लिए मौसमी नकद आय का महत्वपूर्ण जरिया है। संग्रहण पारिश्रमिक के अलावा मिलने वाला बोनस इन परिवारों की वार्षिक आय में अतिरिक्त सहायता देता है।
तेंदूपत्ता बोनस इन 8 वन मंडलों के संग्राहकों को मिला
मंडला कार्यक्रम में पूर्व मंडला, पश्चिम मंडला, डिंडौरी, जबलपुर, उत्तर सिवनी, दक्षिण सिवनी, उत्तर बालाघाट और दक्षिण बालाघाट वन मंडलों के संग्राहकों को तेंदूपत्ता बोनस दिया गया।
इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में परिवार खेती, मजदूरी और वनोपज संग्रह जैसी गतिविधियों से अपनी आजीविका चलाते हैं। तेंदूपत्ता सीजन के दौरान होने वाली कमाई ऐसे परिवारों के लिए विशेष महत्व रखती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वनों की सुरक्षा, संवर्धन और प्रबंधन में जनजातीय समुदायों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार का प्रयास है कि वनोपज से जुड़े परिवारों को उनके श्रम का बेहतर आर्थिक लाभ मिले।
84 वन समितियों को ₹26.56 करोड़ काष्ठ लाभांश
तेंदूपत्ता बोनस के साथ वन समितियों से जुड़े सदस्यों को भी आर्थिक लाभ दिया गया। मंडला जिले की 84 वन समितियों के करीब 40 हजार सदस्यों को ₹26,56,53,929 का काष्ठ लाभांश वितरित किया गया।
ये समितियां पूर्व और पश्चिम मंडला वन मंडलों से जुड़ी हैं और वन संरक्षण तथा प्रबंधन में वन विभाग के साथ काम करती हैं।
इस तरह मंडला कार्यक्रम में तेंदूपत्ता बोनस और काष्ठ लाभांश मिलाकर ₹62.73 करोड़ से अधिक की राशि संग्राहकों और वन समितियों से जुड़े सदस्यों तक पहुंची।

मंडला में खुलेगी लघु वनोपज प्रोसेसिंग यूनिट
कार्यक्रम में मंडला में लघु वनोपज प्रोसेसिंग यूनिट खोलने की घोषणा भी की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले में बड़ी मात्रा में लघु वनोपज का संग्रह होता है, इसलिए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के तहत प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जाएगी।
स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग, ग्रेडिंग और पैकेजिंग की सुविधा विकसित होने से कच्ची वनोपज की जगह मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं। इससे संग्राहकों को बेहतर बाजार और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अतिरिक्त अवसर मिलने की संभावना है।
तेंदूपत्ता बोनस क्यों है संग्राहकों के लिए अहम?
मध्यप्रदेश के वन बहुल जिलों में हजारों परिवार तेंदूपत्ता संग्रह करते हैं। संग्रहण सीजन में पत्ते एकत्र कर निर्धारित केंद्रों पर जमा किए जाते हैं और इसके बदले पारिश्रमिक मिलता है।
बाद में पात्र संग्राहकों को तेंदूपत्ता बोनस दिया जाता है। यह नियमित संग्रहण राशि से अलग होता है और वन क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के लिए अतिरिक्त आमदनी का काम करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार वन क्षेत्रों से लगे गांवों में वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था मजबूत करने और संग्राहकों को बेहतर मूल्य दिलाने पर काम कर रही है।
मंडला में पान की खेती को दोबारा बढ़ावा देने की घोषणा
मंडला में परंपरागत पान की खेती को भी फिर से बढ़ावा देने की घोषणा की गई। सरकार के अनुसार जिले में पहले पान की खेती स्थानीय लोगों की आमदनी का प्रमुख जरिया रही है।
इसके साथ ही जिले में जरूरत के अनुसार दुग्ध सहकारी समितियां बनाने की बात कही गई, ताकि पशुपालकों को दूध का बेहतर मूल्य मिल सके।
₹460 करोड़ के 74 विकास कार्यों की सौगात
कार्यक्रम में मंडला जिले में करीब ₹460 करोड़ की लागत वाले 74 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया गया।
इनमें ₹263 करोड़ से अधिक के 47 कार्यों का भूमिपूजन और करीब ₹197 करोड़ के 27 कार्यों का लोकार्पण शामिल है।
मुख्य परियोजनाओं में 19 सरकारी हाईस्कूल भवन, नया एकीकृत कलेक्टर कार्यालय, नर्सिंग कॉलेज भवन और ट्राइबल मल्टीपर्पज मार्केटिंग सेंटर शामिल हैं।
मंडला में टाइगर सफारी जू विकसित करने की घोषणा भी की गई। हालांकि वनोपज संग्राहकों के लिहाज से तेंदूपत्ता बोनस, काष्ठ लाभांश और प्रस्तावित वनोपज प्रोसेसिंग यूनिट सीधे आर्थिक महत्व के कदम हैं।



