UPITS-2026 में खाद्य प्रसंस्करण को मिला सम्मान, 22 समझौतों से कारोबार के रास्ते खुले

किसान कल्चर, ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण विभाग को UPITS-2026 में ‘Best Display Award’ मिला। 25 से 29 सितंबर 2026 तक ग्रेटर नोएडा में हुए व्यापार मेले के दौरान 22 समझौता ज्ञापनों के जरिए करीब 1 लाख अमेरिकी डॉलर की व्यावसायिक प्रतिबद्धता दर्ज की गई, जिससे प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के कारोबार और किसानों से जुड़े मूल्यवर्धन के अवसरों पर जोर दिया गया।

उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS)-2026 में खाद्य प्रसंस्करण विभाग की सहभागिता को आयोजकों ने ‘Best Display Award’ दिया। यह पांच दिवसीय आयोजन 25 से 29 सितंबर 2026 तक चला और सम्मान 29 सितंबर 2026 को प्रदान किया गया।
विभाग ने मेले में उत्तर प्रदेश की खाद्य प्रसंस्करण क्षमता, निवेश की संभावनाओं, विभागीय नीतियों और योजनाओं के साथ प्रदेश में तैयार किए जा रहे प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया। विभाग की ओर से निवेशकों, उद्यमियों, व्यावसायिक संस्थाओं और विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद भी किया गया।
खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में 22 समझौते
विज्ञप्ति के मुताबिक, UPITS-2026 के दौरान विभिन्न देशों के साथ कुल 22 समझौता ज्ञापन (MoUs) किए गए। इन समझौतों के जरिए करीब 1 लाख अमेरिकी डॉलर की कुल व्यावसायिक प्रतिबद्धता दर्ज की गई। विभाग ने इन समझौतों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार सहयोग के विस्तार से जोड़ा है।
सम्मान राज्य मंत्री, एमएसएमई विभाग, हंसराज विश्वकर्मा ने प्रदान किया। विभाग की ओर से यह सम्मान डॉ. एम.पी. सिंह, संयुक्त निदेशक, खाद्य प्रसंस्करण विभाग; अश्वनी कुमार, खाद्य प्रसंस्करण अधिकारी; लोकेश सेंगर, खाद्य प्रसंस्करण अधिकारी और पंकज शाह, खाद्य प्रसंस्करण अधिकारी ने प्राप्त किया।
किसानों के लिए खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े अवसर
विभाग ने प्रदर्शनी में उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में उपलब्ध प्रोत्साहनों, सुविधाओं तथा निवेश अवसरों की जानकारी निवेशकों और उद्यमियों को दी।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना, तकनीकी सहयोग, कारोबार विस्तार, मूल्यवर्धन और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की संभावनाओं को भी प्रदर्शित किया गया। विभाग के मुताबिक, इन गतिविधियों से प्रदेश के किसानों, उद्यमियों और युवाओं के लिए खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में आय और रोजगार के नए अवसर विकसित होने की संभावना है।
विभाग की गतिविधियों का संचालन उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अपर मुख्य सचिव बी.एल. मीना और खाद्य प्रसंस्करण विभाग के विशेष सचिव राज कमल यादव के निर्देशन और समन्वय में किया गया।