मंडी व्यवस्था में किसानों की शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण पर जोर, सचिवों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

किसान कल्चर, लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मंडी व्यवस्था को किसान-केंद्रित बनाने के लिए नवनियुक्त मंडी सचिवों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। 02 अक्टूबर 2026 को लखनऊ के गोमती नगर स्थित राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद कार्यालय में निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने सचिवों से किसानों की समस्याओं के समयबद्ध समाधान और मंडियों में जरूरी सुविधाओं की निगरानी करने को कहा।
उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने 02 अक्टूबर 2026 को नवनियुक्त मंडी सचिवों से संवाद किया। उन्होंने मंडी व्यवस्था में किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और किसानों व आढ़तियों से नियमित बातचीत बनाए रखने का निर्देश दिया।
निदेशक ने कहा कि मंडी व्यवस्था केवल कृषि उपज की बिक्री का केंद्र नहीं है, बल्कि किसानों को बेहतर सुविधाएं और उचित माहौल देने का माध्यम भी है। उनके निर्देशों में मंडी परिसरों में साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश और पार्किंग जैसी सुविधाओं की नियमित निगरानी शामिल है।
जितेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक, मंडी सचिवों को मंडी संचालन, विभागीय कार्यप्रणाली, किसानों से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान, राजस्व और अन्य प्रक्रियाओं के साथ मंडी व्यवस्था के प्रभावी संचालन की जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकारियों को किसान-केंद्रित प्रशासन के अनुरूप काम करने के लिए तैयार करना भी बताया गया है।
मंडी व्यवस्था में शिकायतों के निस्तारण पर जोर
मंडी सचिवों से कहा गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में किसानों और आढ़तियों से नियमित संवाद स्थापित करें। कृषि उपज की खरीद-बिक्री से जुड़ी व्यवस्थाओं की निगरानी करने और किसानों की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, प्रशिक्षण में आर्थिक या अन्य कठिनाइयों से प्रभावित किसानों की समस्याओं पर भी ध्यान देने के विषय शामिल होंगे। अधिकारियों को जरूरतमंद और पीड़ित किसानों के प्रति संवेदनशीलता के साथ काम करने तथा सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ दिलाने से जुड़े मामलों पर भी तैयार किया जाएगा।
मंडी सचिवों की जिम्मेदारी बढ़ाने की बात
निदेशक ने कहा कि मंडी सचिव किसान और मंडी प्रशासन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इसलिए उन्हें अपनी जिम्मेदारियां संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ निभानी होंगी। उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अनुसार, मंडी स्तर पर किसानों की समस्याओं का तेज और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता बताई गई है।
कार्यक्रम में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण भी किया गया। इस अवसर पर निदेशक मंडी परिषद जितेंद्र प्रताप सिंह ने दोनों नेताओं को श्रद्धांजलि दी। निदेशक विपणन टी.के. शिबू सहित मंडी परिषद के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।