गुना की नई पहचान बनेंगे खुले खेतों के फूल, 2,085 एकड़ में विकसित होंगे चार क्लस्टर

गुना में 1,000 एकड़ में गेंदा और 1,000 एकड़ में धनिया की खेती को मिलेगा बढ़ावा, किसानों को प्रशिक्षण से लेकर विपणन तक मिलेगी मदद। गुना जिला प्रशासन किसानों को फूलों की खेती के लिए प्रोत्साहित कर रहा है, ताकि परंपरागत फसलों से इतर वे अन्य उद्यानिकी आधारित फसलों की ओर भी आकर्षित हो सकें।
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गुना। गुलाब की खेती से अपनी पहचान बना चुका गुना जिला अब खुले खेतों में फूलों की खेती और धनिया बीज उत्पादन के क्षेत्र में भी नई पहचान बनाने की तैयारी कर रहा है। उद्यानिकी विभाग की पहल पर जिले में कुल 2,085 एकड़ क्षेत्र में फूलों और धनिया के चार क्लस्टर विकसित किए जाएंगे।
इस योजना के तहत 1,000 एकड़ में गेंदा, 40 एकड़ में गुलाब, 45 एकड़ में ग्लैडियोलस, बल्बस एवं ट्यूबरोज और 1,000 एकड़ में धनिया बीज मसाला क्लस्टर विकसित किया जाएगा। क्लस्टर आधारित खेती से किसानों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण, भंडारण, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और बाजार तक पहुंच उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।
उद्यानिकी विभाग से प्राप्त प्रस्ताव को गुना कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने उद्यानिकी संचालनालय को भेजा था। प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद जिले को ये क्लस्टर मिले हैं। इनसे किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ लाभकारी उद्यानिकी फसलों को अपनाने के अवसर मिलेंगे।
1,000 एकड़ में विकसित होगा गेंदा क्लस्टर
गेंदा फूलों की खेती को विस्तार देने के लिए गुना और बमोरी विकासखंड में क्षेत्र निर्धारित किया गया है। इसमें गुना विकासखंड में 630 एकड़ और बमोरी विकासखंड में 370 एकड़ क्षेत्र में गेंदा उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। दोनों विकासखंडों के कई गांव इस योजना के दायरे में शामिल हैं।
क्लस्टर की स्वीकृति के बाद उद्यानिकी विभाग ने किसानों के प्रशिक्षण और भ्रमण कार्यक्रम शुरू कर दिए हैं। हाल ही में पुरापोसर और आसपास के गांवों में किसानों को आधुनिक फूलों की खेती, उन्नत उत्पादन तकनीक और फसल प्रबंधन की जानकारी दी गई। इन गतिविधियों का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने और उत्पादन की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए तैयार करना है।
गुलाब के साथ ग्लैडियोलस और ट्यूबरोज की खेती को भी बढ़ावा
गुना में पॉलीहाउस के माध्यम से गुलाब उत्पादन पहले से ही पहचान बना चुका है। अब खुले खेतों में गेंदा और अन्य फूलों की खेती को बढ़ावा देकर फूल उत्पादन का दायरा बढ़ाने की योजना है। इसके तहत 40 एकड़ में गुलाब और 45 एकड़ में ग्लैडियोलस, बल्बस एवं ट्यूबरोज की खेती के लिए क्लस्टर विकसित किए जाएंगे।
फूलों की विविध किस्मों को बढ़ावा मिलने से किसानों को अलग-अलग बाजारों की मांग के अनुसार उत्पादन करने का अवसर मिल सकता है। हालांकि, बेहतर परिणाम के लिए स्थानीय बाजार की मांग, उत्पादन लागत, फसल प्रबंधन और बिक्री की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना होगा।
1,000 एकड़ में धनिया बीज उत्पादन का क्लस्टर

फूलों की खेती के साथ जिले में धनिया बीज उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए 1,000 एकड़ क्षेत्र में धनिया बीज मसाला क्लस्टर विकसित किया जाएगा। धनिया उत्पादन से जुड़े किसानों को उन्नत तकनीक, फसल प्रबंधन और उपज की गुणवत्ता सुधारने के लिए मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की योजना है।
क्लस्टर आधारित व्यवस्था से किसानों को एक ही क्षेत्र में उत्पादन संबंधी सुविधाएं विकसित करने और बाजार की जरूरतों के अनुरूप खेती करने में मदद मिल सकती है। इससे मसाला फसलों के उत्पादन और उनसे जुड़े कृषि आधारित रोजगार को भी प्रोत्साहन मिलने की संभावना है।
उत्पादन से लेकर विपणन तक मिलेगा सहयोग
क्लस्टर योजना का उद्देश्य केवल खेती का रकबा बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों को उत्पादन के बाद की प्रक्रियाओं से भी जोड़ना है। इसके अंतर्गत भंडारण, ग्रेडिंग, पैकेजिंग, प्रसंस्करण और विपणन सुविधाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे उपज की गुणवत्ता बनाए रखने, मूल्य संवर्धन और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने बताया कि उद्यानिकी विभाग के प्रस्ताव को संचालनालय भेजकर जिले के लिए फूलों और धनिया के क्लस्टर स्वीकृत कराए गए हैं। क्लस्टर आधारित विकास से किसानों को फसल विविधीकरण, आधुनिक तकनीक अपनाने और आय बढ़ाने के अवसर मिलेंगे। खुले खेतों में फूलों की खेती और धनिया उत्पादन को प्रोत्साहित करके गुना को पुष्प एवं मसाला फसलों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।
उप संचालक उद्यान केपीएस किरार ने बताया कि क्लस्टर स्वीकृत होने के बाद किसानों को तकनीकी सहयोग, प्रशिक्षण, उन्नत रोपण सामग्री, फसल प्रबंधन और बाजार संपर्क उपलब्ध कराने के लिए कार्य किए जाएंगे। किसानों को उत्पादन से लेकर भंडारण, प्रसंस्करण और विपणन तक आवश्यक मार्गदर्शन दिया जाएगा, ताकि वे अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकें।
कृषि विविधीकरण से बढ़ेगी गुना की पहचान
गुना में पॉलीहाउस गुलाब उत्पादन के बाद खुले खेतों में फूलों की खेती और धनिया बीज उत्पादन का विस्तार जिले की उद्यानिकी गतिविधियों को नई दिशा दे सकता है। चार क्लस्टरों के माध्यम से किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ने, उत्पादन की गुणवत्ता सुधारने और बाजार आधारित कृषि को प्रोत्साहित करने की योजना है। इन प्रयासों की सफलता प्रशिक्षण, लागत प्रबंधन, बाजार संपर्क और किसानों को मिलने वाली सुविधाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी।



