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बारिश में झज्जर मंडियों में खरीफ फसल ढकने की व्यवस्था, असर की पुष्टि बाकी

अक्टूबर 18, 2026
रिपोर्ट: किसान कल्चर डेस्कKisan Culture
azadi ka amrit mahotsav

खरीफ फसल को बारिश से बचाने के लिए झज्जर की सभी अनाज मंडियों में खुले में रखी उपज को तिरपाल से ढकने की व्यवस्था की गई।
हरियाणा प्रशासन ने खरीद प्रक्रिया के दौरान उपज की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही है।
प्रशासन के मुताबिक, संबंधित नोडल अधिकारी मंडियों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
तिरपाल व्यवस्था से फसल को वास्तविक कितना बचाव मिला, इसकी पुष्टि इस स्रोत से नहीं होती।

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तस्वीर: हरियाणा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग

किसान कल्चर, झज्जर, हरियाणा: झज्जर जिले की सभी अनाज मंडियों में खुले में रखी खरीफ फसल को बारिश से बचाने के लिए तिरपाल से ढकने की व्यवस्था की गई है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम खरीद प्रक्रिया के दौरान मंडियों में रखी उपज की सुरक्षा के लिए उठाया गया है।

हरियाणा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मौसम में बदलाव और बरसात की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने मंडियों में आवश्यक प्रबंध किए। विभाग की वेबसाइट के स्रोत-पेज पर “Posted On: 15 Oct 2026 12:53PM” दर्ज है, लेकिन मूल प्रकाशन तारीख स्वतंत्र रूप से स्थापित नहीं है।

उपायुक्त वर्षा खांगवाल ने बताया कि खरीफ फसलों की खरीद के दौरान किसानों की उपज की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रशासन के मुताबिक, खुले में रखी फसल को तिरपाल से ढकने की व्यवस्था का उद्देश्य उसे बारिश के पानी से बचाना है; हालांकि, इस व्यवस्था से फसल को वास्तविक कितना बचाव मिला, इसका कोई प्रमाण स्रोत में नहीं है।

मंडियों में तिरपाल और निगरानी की व्यवस्था

प्रशासन के अनुसार, झज्जर जिले की सभी अनाज मंडियों में खुले में रखी खरीफ फसल को ढका गया है। जिला प्रशासन ने कहा कि खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने के साथ किसानों की सुविधा और उपज की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

प्रेस विज्ञप्ति में संबंधित नोडल अधिकारियों के मंडियों की मॉनिटरिंग करने की जानकारी दी गई है। बेरी अनाज मंडी में एसडीएम रेणुका नांदल द्वारा बारिश से बचाव के प्रबंधों का जायजा लेने का भी उल्लेख है।

इस आधिकारिक जानकारी में तिरपाल व्यवस्था से किसानों को हुए वास्तविक नुकसान-बचाव, मुआवजे, भुगतान या खरीद दर से जुड़े कोई आंकड़े नहीं दिए गए हैं। मौजूदा स्थिति की पुष्टि के लिए स्थानीय प्रशासन से सत्यापन आवश्यक है।

स्रोत: हरियाणा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग