खेतों में जमा पानी: एसडीएम ने निकासी के निर्देश दिए, तालाब खुदाई करवाने को कहा

खेतों में जमा पानी की निकासी के लिए लाडवा एसडीएम ने छपरा गांव का मौके पर निरीक्षण किया।
हरियाणा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मुताबिक, प्रभावित किसानों के खेतों से पानी निकालने के निर्देश दिए गए हैं।
तालाब की जल संग्रहण क्षमता बढ़ाने के लिए पोकलेन मशीन से खुदाई करवाने को कहा गया है।
तालाब में पाइपलाइन और सौर ऊर्जा से संचालित व्यवस्था उपलब्ध होने की जानकारी भी दी गई है।

किसान कल्चर, छपरा गांव, लाडवा, हरियाणा: छपरा गांव में खेतों में जमा पानी की निकासी की समस्या को लेकर लाडवा के एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया। हरियाणा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पानी की निकासी उचित ढंग से नहीं होने से किसानों की कृषि भूमि प्रभावित हो रही है।
समाधान शिविर के दौरान एसडीएम ने पंचायत अधिकारी को प्रभावित किसानों के खेतों से पानी निकालने की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। यह कार्रवाई एक शिकायतकर्ता के तीसरी बार एसडीएम कार्यालय पहुंचकर समस्या रखने के बाद की गई।
विभाग के मुताबिक, एसडीएम ने तालाब की जल संग्रहण क्षमता बढ़ाने के लिए पोकलेन मशीन से खुदाई करवाने को कहा है। विज्ञप्ति में इसे भविष्य में पानी की निकासी और प्रबंधन में सुविधा के लिए प्रस्तावित कार्रवाई के तौर पर बताया गया है।
तालाब में उपलब्ध व्यवस्था
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, एसडीएम ने तालाब की सुरक्षा व्यवस्था का भी जायजा लिया। तालाब के चारों ओर उचित फेंसिंग पाई गई। तालाब में पानी की निकासी के लिए पाइपलाइन और सौर ऊर्जा से संचालित व्यवस्था भी उपलब्ध है।
हरियाणा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मुताबिक, इस व्यवस्था के जरिए जरूरतमंद किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने में सहायता मिल सकती है। प्रभावित खेतों में निकासी का काम कब तक पूरा होगा, इसकी तारीख विज्ञप्ति में नहीं दी गई है।
नगर क्षेत्र की जल निकासी समस्या
समाधान शिविर में नगर क्षेत्र की एक महिला ने भी जल निकासी की समस्या रखी। एसडीएम ने नगर परिषद के एमई यानी म्यूनिसिपल इंजीनियर को शिविर समाप्त होते ही संबंधित स्थल का निरीक्षण करने और समस्या का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
यह विवरण हरियाणा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की 12 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। विभाग ने बताया कि समाधान शिविर में शिकायतों की सुनवाई के साथ उनके समाधान के लिए मौके पर कार्रवाई सुनिश्चित करने का उद्देश्य रखा गया है।


