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मिथिला हॉर्टिकल्चर क्लस्टर में केला, आम और लीची की वैल्यू चेन मजबूत करने की योजना

सितम्बर 30, 2026
Report by: किसान कल्चर डेस्कKisan Culture
मिथिला हॉर्टिकल्चर क्लस्टर में केला, आम और लीची की बागवानी

किसान कल्चर, बिहार के दरभंगा और मधुबनी जिले: बिहार के मिथिला हॉर्टिकल्चर क्लस्टर के लिए जारी RFP में केला, आम और लीची की खेती से जुड़ी उत्पादन, भंडारण, प्रसंस्करण, कोल्ड-चेन और बाजार व्यवस्था विकसित करने का खाका दिया गया है। यह दस्तावेज किसानों को सीधे नकद लाभ देने वाली घोषणा नहीं, बल्कि योजना लागू करने वाली एजेंसियों के चयन से जुड़ा मार्गदर्शक है।

मिथिला हॉर्टिकल्चर क्लस्टर में फल छंटाई और पैकेजिंग
RFP में पैकहाउस, प्री-कूलिंग, कोल्ड स्टोरेज और ग्रेडिंग केंद्रों का प्रावधान बताया गया है।

राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB) और बिहार सरकार के राज्य बागवानी मिशन (SHM) से जुड़े RFP में मिथिला हॉर्टिकल्चर क्लस्टर के लिए कार्यान्वयन एजेंसियों के चयन की प्रक्रिया बताई गई है। दस्तावेज के अनुसार यह क्लस्टर केला, आम और लीची की वैल्यू चेन पर केंद्रित होगा। इसमें उत्पादन से लेकर कटाई के बाद प्रबंधन, प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स, ब्रांडिंग और बाजार संपर्क तक के काम शामिल हैं।

RFP संदर्भ संख्या 2829 की तारीख 08-07-2026 है और दस्तावेज जारी करने की तारीख 09/07/2026 दी गई है। प्रस्ताव जमा करने की अंतिम तारीख 24/07/2026 थी। स्रोत दस्तावेज की मूल प्रकाशन स्थिति अलग से स्थापित नहीं है, इसलिए इसे मौजूदा या नई किसान आवेदन घोषणा के रूप में नहीं पढ़ा जाना चाहिए।

मिथिला हॉर्टिकल्चर क्लस्टर में किसानों से जुड़े काम

दस्तावेज में कार्यान्वयन एजेंसियों के लिए तीन मुख्य वर्टिकल तय किए गए हैं। पहले वर्टिकल में किसानों की क्षमता बढ़ाने, गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री, फसल देखभाल, सूक्ष्म सिंचाई, फर्टिगेशन, एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन, कीट प्रबंधन, मशीनीकरण और फसल-पूर्व तकनीक अपनाने का प्रावधान बताया गया है। मिट्टी, पत्ती और अवशेष जांच, किसान व FPO प्रशिक्षण, खेत-स्तरीय ट्रेसबिलिटी और डिजिटल सलाह से जुड़े काम भी इसमें शामिल हैं।

दूसरे वर्टिकल में खेत से बाजार तक की व्यवस्था पर जोर है। इसमें फार्म-गेट पैकहाउस, संग्रह केंद्र, छंटाई, ग्रेडिंग, प्री-कूलिंग, बहु-तापमान कोल्ड स्टोरेज, पकाने वाले चैंबर, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और साझा सुविधा केंद्र शामिल हैं। तीसरे वर्टिकल में रीफर परिवहन, कोल्ड-चेन, थोक और खुदरा बाजार संपर्क, डिजिटल कारोबार, निर्यात तैयारी, ब्रांडिंग और बाजार सूचना से जुड़े काम रखे गए हैं।

क्लस्टर में प्रस्तावित ढांचा

RFP में दिए गए NHB स्वीकृति पत्र के घटकों के अनुसार 4 उच्च तकनीक नर्सरी, 2 टिश्यू-कल्चर और वायरस-इंडेक्सिंग इकाइयां, 2 प्लांट हेल्थ क्लीनिक और 1 मिट्टी, पत्ती व MRL जांच प्रयोगशाला का उल्लेख है। केला क्षेत्र विस्तार के लिए 400 Ha, आम और लीची के लिए 400 Ha तथा पुराने आम बागों के पुनरुद्धार के लिए 600 Ha का घटक दिया गया है। एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन और एकीकृत कीट प्रबंधन के लिए 5,000 Ha-5,000 Ha का लक्ष्य दस्तावेज में दर्ज है।

कटाई के बाद की व्यवस्था में 26 एकीकृत पैकहाउस, 22 प्री-कूलिंग इकाइयां, 4,500 MT बहु-तापमान कोल्ड स्टोरेज, 21 पकाने वाले चैंबर, 15 रीफर वाहन और 17 संग्रह-सह-ग्रेडिंग केंद्र प्रस्तावित घटकों में शामिल हैं। बाजार और लॉजिस्टिक्स वाले हिस्से में 8 अतिरिक्त रीफर या इंसुलेटेड वाहन, 15 नियंत्रित वातावरण वाले खुदरा बाजार या आउटलेट, 10 ग्रामीण या अपनी मंडी बाजार और दरभंगा एयर-कार्गो के लिए 1 खराब होने वाली उपज सुविधा का उल्लेख है।

दस्तावेज में किसान और FPO क्षमता निर्माण के लिए 12,000 प्रतिभागियों का घटक भी दिया गया है। हालांकि, यह संख्या प्रशिक्षण या क्षमता निर्माण से जुड़ी प्रस्तावित मात्रा है, इसे किसानों को मिलने वाली व्यक्तिगत सहायता या नकद लाभ नहीं माना जा सकता। मखाना प्रसंस्करण और साझा सुविधाओं के सामने मात्रा नहीं दी गई है। RFP के अनुसार मखाना से जुड़ा समर्थन राष्ट्रीय मखाना बोर्ड के साथ समन्वय में माना जाएगा।

कौन प्रस्ताव दे सकता है

कार्यक्रम लागू करने वाली एजेंसी के रूप में FPO, FPC और उनके महासंघ, सहकारी समितियां, सोसाइटी, साझेदारी फर्म, कंपनियां, सरकारी कृषि या विपणन बोर्ड, केंद्र या राज्य सरकार की सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाएं और योग्य कंसोर्टियम या संयुक्त उपक्रम प्रस्ताव दे सकते हैं। आवेदक एक वर्टिकल, कई वर्टिकल या तीनों वर्टिकल को मिलाकर प्रस्ताव दे सकते हैं।

RFP में एजेंसी के लिए वित्तीय क्षमता, अनुभव, परियोजना लागत में योगदान और बैंक ऋण से जुड़े मानदंड भी दिए गए हैं। प्रस्ताव जमा करने के लिए आवेदन शुल्क Rs. 10,000/-, प्रति वर्टिकल EMD Rs. 5,00,000/- और तीनों वर्टिकल वाले एकीकृत प्रस्ताव के लिए EMD Rs. 10,00,000/- बताया गया है। पात्र MSME और FPO/FPC आवेदकों को वैध प्रमाण देने पर शुल्क और EMD में छूट का प्रावधान दस्तावेज में दर्ज है। ये शर्तें कार्यान्वयन एजेंसियों पर लागू हैं, व्यक्तिगत किसानों पर नहीं।

क्लस्टर का क्षेत्रफल दस्तावेज में लगभग 15100 Ha बताया गया है, जिसमें दरभंगा और मधुबनी के प्रमुख ब्लॉक शामिल हैं। इसे Mega Category में रखा गया है और प्रति क्लस्टर अधिकतम वित्तीय सहायता Up to Rs. 100 Cr बताई गई है। यह राशि क्लस्टर स्तर की परियोजना के लिए है, किसी किसान के व्यक्तिगत खाते में मिलने वाली सहायता नहीं।

स्रोत: NHB horticulture scheme notices