‘मेरी पॉलिसी मेरे हाथ’ अभियान में किसानों को फसल बीमा पॉलिसियां बांटी गईं

मेरी पॉलिसी मेरे हाथ अभियान के तहत हरियाणा के शाहाबाद में किसानों को फसल बीमा पॉलिसियां वितरित की गईं।
पॉलिसी से किसान बीमा कवरेज, प्रीमियम और क्लेम प्रक्रिया की जानकारी देख सकते हैं।
राज्य में यह विशेष ड्राइव 15 अक्टूबर से 15 नवंबर तक चलाने की जानकारी दी गई।
कुरुक्षेत्र में पराली जलाने की अब तक कोई घटना सामने नहीं आने का दावा भी किया गया।
किसान कल्चर, शाहाबाद, कुरुक्षेत्र, हरियाणा: शाहाबाद में 15 अक्टूबर को किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा पॉलिसियां वितरित की गईं। यह वितरण ‘मेरी पॉलिसी मेरे हाथ’ अभियान के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में हुआ, जहां किसानों को अपनी पॉलिसी की जानकारी सीधे उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
हरियाणा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कार्यक्रम में मौजूद किसानों को पॉलिसियां बांटीं। विभाग ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार ने 15 अक्टूबर से 15 नवंबर तक पूरे भारत में एक महीने की विशेष ड्राइव चलाने की जानकारी दी है।
श्याम सिंह राणा ने कहा कि पॉलिसी किसान के हाथ में होने से उसे यह पता चल सकेगा कि उसकी फसल का बीमा हुआ है या नहीं, प्रीमियम राशि कितनी है और क्लेम कैसे लिया जा सकता है। हालांकि, विज्ञप्ति में किसी किसान के लिए अलग से आवेदन की अंतिम तारीख या भुगतान जारी होने की जानकारी नहीं दी गई है।
‘मेरी पॉलिसी मेरे हाथ’ से क्या जानकारी मिलेगी
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक गिरीश नागपाल ने योजना की जानकारी देते हुए कहा कि किसानों को कम प्रीमियम पर फसल बीमा मिलता है। प्राकृतिक आपदा, कीट हमले या किसी भी कारण से फसल खराब होने पर मुआवजा दिए जाने की बात भी उन्होंने कही।
विज्ञप्ति में पॉलिसी पाने वाले किसानों की संख्या, प्रीमियम की राशि, बीमा कवरेज और क्लेम की प्रक्रिया के दस्तावेजी चरणों का विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए इन बिंदुओं पर किसान अपने संबंधित कृषि विभाग या बीमा कंपनी से सत्यापन कर सकते हैं।
कुरुक्षेत्र में पराली जलाने पर विभाग का दावा
कार्यक्रम में किसानों को पराली नहीं जलाने की शपथ दिलाई गई। मंत्री ने कहा कि पराली जलाने से पर्यावरण, जमीन और मानव स्वास्थ्य को नुकसान होता है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार पराली प्रबंधन के लिए सब्सिडी पर मशीनें दे रही है, लेकिन विज्ञप्ति में सब्सिडी की राशि, मशीनों की सूची या आवेदन प्रक्रिया नहीं दी गई है।
विभाग के मुताबिक, कुरुक्षेत्र जिले में अब तक पराली जलाने की कोई घटना सामने नहीं आई है। विभाग ने गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक करने की बात कही। कार्यक्रम में कृषि विभाग, बीमा कंपनियों और अन्य अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान मौजूद रहे।



