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मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण: हरियाणा के 80 किसानों ने सीखी तकनीक

अक्टूबर 4, 2026
रिपोर्ट: किसान कल्चर डेस्कKisan Culture
azadi ka amrit mahotsav

किसान कल्चर, उचानी, हरियाणा: हरियाणा के 80 किसानों ने उचानी के उद्यान प्रशिक्षण संस्थान में मशरूम उत्पादन की तकनीक सीखी। 28 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चले राज्यस्तरीय शिविर में उन्नत प्रजातियों, रोग उपचार, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन पर जानकारी दी गई। यह 03 Oct 2026 की पोस्ट तिथि वाला कार्यक्रम है; मूल प्रकाशन तिथि स्थापित नहीं है, इसलिए विवरण को सत्यापन-आवश्यक पृष्ठभूमि माना जाए।

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तस्वीर: हरियाणा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग

हरियाणा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उद्यान प्रशिक्षण संस्थान, उचानी में 28 सितंबर से 2 अक्टूबर तक 5-दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। इसमें हरियाणा के विभिन्न जिलों से 80 किसान शामिल हुए।

प्रशिक्षण में मशरूम की उन्नत प्रजातियों की उत्पादन तकनीक, रोगों के उपचार, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन की जानकारी दी गई। समापन पर प्रगतिशील किसानों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।

कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. प्रीति यादव ने बताया कि सोनीपत, पानीपत और कुरुक्षेत्र जिले मशरूम उत्पादन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान किसानों को उत्पादन से जुड़ी तकनीकों की जानकारी दिए जाने की बात कही।

व्यावहारिक जानकारी के लिए किसानों को मशरूम अनुसंधान केंद्र, मुरथल का भ्रमण कराया गया। वहां विशेषज्ञों ने उत्पादन से जुड़ी सूक्ष्म तकनीकों की जानकारी दी। कीड़ा-जड़ी मशरूम के उत्पादन पर ऑनलाइन वेबिनार भी आयोजित किया गया।

संस्थान के प्रधानाचार्य डॉ. सत्येंद्र यादव ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण शिविर किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने में भूमिका निभाते हैं। उन्होंने किसानों से पारंपरिक खेती के साथ मशरूम उत्पादन जैसे व्यावसायिक मॉडल अपनाने और संस्थान की सुविधाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।

विभागीय विवरण में प्रशिक्षण के बाद किसानों की आय, उत्पादन, बिक्री या किसी अन्य ठोस परिणाम का प्रमाण नहीं दिया गया है। वेबसाइट पर कार्यक्रम की पोस्ट तिथि 03 Oct 2026 दी गई है, जबकि मूल प्रकाशन तिथि स्थापित नहीं है; इसलिए इसे वर्तमान प्रशिक्षण, आवेदन अवसर या नई योजना की घोषणा न माना जाए। प्रकाशन से पहले मानव संपादकीय सत्यापन आवश्यक है।

स्रोत: हरियाणा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग