क्लस्टर विकास कार्यक्रम में सरकारी संस्थाओं को टर्म लोन नियम में छूट

किसान कल्चर, गुरुग्राम, हरियाणा: राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के 09.06.2025 के परिशिष्ट में क्लस्टर विकास कार्यक्रम के तहत केंद्र और राज्य सरकार की संस्थाओं व सार्वजनिक उपक्रमों के लिए टर्म लोन की शर्त में अपवाद जोड़ा गया है।
राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड ने क्लस्टर विकास कार्यक्रम की संशोधित गाइडलाइन में बदलाव किया है। बोर्ड के 09.06.2025 के परिशिष्ट के अनुसार, संशोधित गाइडलाइन के भाग-I और भाग-II की धारा 9.3.5 में केंद्र सरकार, राज्य सरकार की संस्थाओं और सार्वजनिक उपक्रमों के लिए टर्म लोन से जुड़ा अपवाद जोड़ा गया है।
क्लस्टर विकास कार्यक्रम में क्या बदला
पहले परियोजना को व्यवहार्य मानने के लिए आवेदन करने वाली संस्था को भारतीय रिजर्व बैंक से अनुमोदित अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक या वित्तीय संस्था से टर्म लोन स्वीकृत कराना जरूरी था। यह ऋण कार्यान्वयन एजेंसी की लागत के हिस्से का कम से कम 20% होना चाहिए था। बैंक से स्वीकृति की पुष्टि और उससे जुड़े दस्तावेज भी जरूरी बताए गए थे।
अब केंद्र या राज्य सरकार की संस्था अथवा सार्वजनिक उपक्रम के मामले में टर्म लोन अनिवार्य नहीं होगा। इसके लिए संबंधित कार्यान्वयन एजेंसी को अपनी वित्तीय क्षमता दिखानी होगी और परियोजना लागू करने की लागत में अपना योगदान खुद के संसाधनों से पूरा करना होगा।
किसानों के लिए इसका सीधा मतलब क्या है
यह बदलाव व्यक्तिगत किसानों के लिए नकद सहायता, सब्सिडी या आवेदन की नई घोषणा नहीं है। यह बागवानी क्लस्टर से जुड़ी कार्यान्वयन एजेंसियों की वित्तीय शर्त में बदलाव है। दस्तावेज में किसानों के लिए अलग से पात्रता, राशि, आवेदन की तारीख या भुगतान की जानकारी नहीं दी गई है।
यह परिशिष्ट एक मौजूदा योजना की गाइडलाइन में संशोधन है, नई योजना या ताजा आवेदन सूचना नहीं। इसकी मूल गाइडलाइन की वर्तमान स्थिति और लागू शर्तों की पुष्टि राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के आधिकारिक दस्तावेज से करनी होगी।