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सिरसा में कैलाश ने झींगा पालन से बनाया वैकल्पिक रोजगार मॉडल, 8.5 टन उत्पादन

अक्टूबर 4, 2026
रिपोर्ट: किसान कल्चर डेस्कKisan Culture
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किसान कल्चर, कर्मसाना, सिरसा, हरियाणा: सिरसा के कर्मसाना गांव की महिला किसान कैलाश ने पारंपरिक फसलों से अलग झींगा पालन को आय और रोजगार का साधन बनाया। 02 अक्टूबर 2026 को पोस्ट की गई हरियाणा की पृष्ठभूमि सामग्री के मुताबिक, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मिले 8 लाख 36 हजार 48 रुपये के अनुदान और प्रशिक्षण से उनकी इकाई में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 8.5 टन झींगा उत्पादन हुआ।

हरियाणा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से जारी पृष्ठभूमि वाली प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कैलाश ने वर्ष 2022 में मत्स्य विभाग के मार्गदर्शन और सहयोग से झींगा पालन शुरू किया। उन्होंने करीब 14 लाख रुपये की परियोजना तैयार की थी, जिसमें तालाब निर्माण और झींगा पालन के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा शामिल था।

इस परियोजना के लिए कैलाश को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 8 लाख 36 हजार 48 रुपये का अनुदान मिला। विभागीय सहायता से उनकी इकाई में तालाब और अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित की गईं। यह जानकारी 02 अक्टूबर 2026 को पोस्ट की गई सामग्री में दी गई है, इसलिए इसे नई योजना या वर्तमान आवेदन घोषणा के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

कैलाश के अनुभव से जुड़ी सामग्री में तकनीकी प्रशिक्षण को झींगा पालन के लिए अहम बताया गया है। उन्होंने मत्स्य विभाग और एक्वाकल्चर अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, हिसार के संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जहां तालाब की तैयारी, पानी की गुणवत्ता, स्टॉकिंग घनत्व, रोगों की रोकथाम और वैज्ञानिक आहार प्रबंधन की जानकारी दी गई।

झींगा पालन में तकनीक और पानी की निगरानी पर जोर

प्रशिक्षण के बाद कैलाश ने तालाब की नियमित निगरानी, पानी की गुणवत्ता पर ध्यान और उचित आहार प्रबंधन जैसी तकनीकों को अपनी इकाई में लागू किया। विभागीय सामग्री के मुताबिक, झींगा पालन में केवल पूंजी लगाना पर्याप्त नहीं है। वैज्ञानिक तकनीक और उचित प्रबंधन की जानकारी भी जरूरी है।

वित्त वर्ष 2025-26 में कैलाश की इकाई से एक वर्ष में 8.5 टन झींगा उत्पादन हुआ। सामग्री में उनकी आय में बढ़ोतरी का उल्लेख है, लेकिन आय की कोई राशि नहीं बताई गई है।

झींगा पालन से 14 लोगों को रोजगार

इकाई में तालाब की देखरेख, झींगा की कटाई और दूसरे संबंधित कामों के लिए 4 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला। इसके अलावा सहायक और संबंधित गतिविधियों के जरिए 10 लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिले। इस तरह कुल 14 लोगों को रोजगार से जोड़ने की बात कही गई है।

जिला मत्स्य अधिकारी जगदीश चंद्र ने कहा कि कैलाश का अनुभव सिरसा जिले के दूसरे किसानों के लिए भी प्रेरणादायक है। उनके मुताबिक, नई तकनीक, वैज्ञानिक प्रबंधन और सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर किसान कृषि क्षेत्र में नए अवसर तलाश सकते हैं और स्थानीय स्तर पर रोजगार भी पैदा कर सकते हैं।

हरियाणा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की सामग्री में कहा गया है कि अंतर्देशीय क्षेत्रों में पारंपरिक खेती के साथ मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों को जोड़कर किसान अपनी आय के स्रोतों में विविधता ला सकते हैं। हालांकि, इस सामग्री में झींगा पालन के लिए किसी नए आवेदन, समयसीमा या वर्तमान लाभार्थी प्रक्रिया की जानकारी नहीं दी गई है।

स्रोत: हरियाणा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग