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बिहार में कृषि फीडर सोलराइजेशन तेज करने के निर्देश, सरकारी नलकूपों पर भी जोर

सितम्बर 30, 2026
Report by: किसान कल्चर डेस्कKisan Culture

किसान कल्चर, पटना, बिहार: बिहार में कृषि फीडर सोलराइजेशन का काम तेज करने और सरकारी नलकूपों को सौर ऊर्जा से चलाने के निर्देश दिए गए हैं। बिहार मुख्यमंत्री सचिवालय की 23 सितंबर 2026 की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पीएम-कुसुम योजना से जुड़े कार्यों की समीक्षा के दौरान ये निर्देश दिए।

बिहार मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पटना में हुई समीक्षा बैठक में कृषि क्षेत्र को पर्याप्त और भरोसेमंद बिजली उपलब्ध कराने के साथ सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाने पर जोर दिया गया। बैठक में कृषि फीडरों के सोलराइजेशन और राजकीय नलकूपों को सौर ऊर्जा से संचालित करने की प्रगति की समीक्षा की गई।

प्रेस विज्ञप्ति पर 23 सितंबर 2026 की तारीख दर्ज है, जबकि उसके पाठ में बैठक के स्थान के साथ 24 सितंबर 2026 अंकित है। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की। ऊर्जा विभाग से जुड़े कार्यों की समीक्षा के दौरान पीएम-कुसुम योजना के तहत कृषि फीडरों के सोलराइजेशन को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा, “कृषि क्षेत्र को पर्याप्त एवं भरोसेमंद बिजली उपलब्ध कराने के साथ-साथ सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दिया जाना आवश्यक है।” इसके साथ ही राजकीय नलकूपों को सौर ऊर्जा से संचालित करने की दिशा में भी तेजी से काम करने को कहा गया।

कृषि फीडर सोलराइजेशन पर विभाग को तेजी लाने का निर्देश

कृषि फीडर सोलराइजेशन की समीक्षा पीएम-कुसुम योजना से जुड़े कार्यों के तहत की गई। प्रेस विज्ञप्ति में किसी जिलेवार लक्ष्य, लागत, पूरा होने की तारीख या किसानों के लिए आवेदन प्रक्रिया का उल्लेख नहीं है। इसलिए इस निर्देश को सीधे किसान सब्सिडी या नकद लाभ की घोषणा के रूप में नहीं देखा जा सकता।

बैठक में ऊर्जा से जुड़ी अन्य परियोजनाओं की भी समीक्षा हुई। इनमें पीरपैंती तापीय विद्युत परियोजना की 3X800 मेगावाट क्षमता और बांका तापीय विद्युत संयंत्र से जुड़े कार्य शामिल थे।

बाढ़ प्रबंधन और नदी परियोजनाओं की भी समीक्षा

बैठक में गंगा, गंडक और कोसी नदी परियोजनाओं, सड़क संपर्क और सौर ऊर्जा से जुड़ी परियोजनाओं की स्थिति पर चर्चा हुई। कोसी नदी क्षेत्र के लिए दीर्घकालिक बाढ़ जोखिम कम करने की रणनीति अपनाने, गाद प्रबंधन को प्राथमिकता देने और नए बैराज के निर्माण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।

गंडक नदी से जुड़ी योजना की समीक्षा के दौरान तटबंधों पर सौर संयंत्र लगाने की दिशा में काम करने को भी कहा गया। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को परियोजनाओं की नियमित निगरानी, आपसी समन्वय और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

बिहार मुख्यमंत्री सचिवालय के मुताबिक, बैठक में जल संसाधन विभाग, ऊर्जा विभाग और पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों ने अपनी-अपनी परियोजनाओं की जानकारी दी। विज्ञप्ति में कृषि फीडरों के सोलराइजेशन या राजकीय नलकूपों के सौर संचालन के लिए किसानों से जुड़े दस्तावेज, पात्रता, आवेदन की अंतिम तारीख या भुगतान का कोई विवरण नहीं दिया गया है।

स्रोत: बिहार मुख्यमंत्री सचिवालय