पंतनगर किसान मेला 3 अक्टूबर से: बीज पर 15% छूट, गेहूं की 22 किस्में और पहली बार एग्री स्टार्टअप पंडाल

रबी सीजन से पहले बेहतर बीज, पौधे और नई कृषि तकनीक की तलाश कर रहे किसानों के लिए पंतनगर किसान मेला बड़ा मौका लेकर आ रहा है। 3 से 6 अक्टूबर तक लगने वाले 120वें अखिल भारतीय किसान मेले में बीज पर 15% छूट, गेहूं की 22 किस्में, 4,000 कुंतल से ज्यादा बीज और पहली बार अलग एग्री स्टार्टअप पंडाल किसानों के लिए खास आकर्षण रहेंगे।
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किसान कल्चर, पंतनगर: अगर आप रबी सीजन के लिए बेहतर बीज, फलदार पौधे या खेती की नई तकनीक तलाश रहे हैं तो पंतनगर में 3 से 6 अक्टूबर तक लगने वाला 120वां अखिल भारतीय किसान मेला आपके काम का हो सकता है। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के इस मेले में किसानों को उन्नत बीजों पर 15% छूट मिलेगी। गेहूं की 22 किस्मों के 4,000 कुंतल से ज्यादा बीज उपलब्ध कराने की तैयारी है। इस बार पहली बार एग्री स्टार्टअप के लिए अलग पंडाल भी बनाया जा रहा है।
मेले का उद्घाटन उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह करेंगे। चार दिन चलने वाला किसान मेला ‘स्मार्ट खेती-स्वस्थ धरती-समृद्ध किसान’ थीम पर होगा। विश्वविद्यालय के मुताबिक मेले में बीज, पौधे, आधुनिक कृषि तकनीक, कृषि नवाचार और किसानों के काम आने वाले दूसरे उत्पाद एक ही जगह उपलब्ध होंगे।
पंतनगर किसान मेला 2026 में बीज पर 15% छूट
किसानों के लिए मेले का बड़ा आकर्षण उन्नत बीजों की उपलब्धता और उन पर मिलने वाली छूट होगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस बार बीज की उपलब्धता पिछले वर्षों के मुकाबले करीब डेढ़ गुना बढ़ाई है।
कुलपति डॉ. एसके कश्यप के मुताबिक गेहूं की 22 किस्मों के 4,000 कुंतल से ज्यादा बीज किसानों के लिए उपलब्ध रहेंगे। रबी सीजन से पहले गेहूं की बुवाई की तैयारी कर रहे किसानों के लिए यह मेले का अहम हिस्सा हो सकता है।
गेहूं के अलावा किसानों को चना, मसूर, मटर और सरसों के उन्नत बीज भी मिलेंगे। इन बीजों पर सामान्य दर से 15% छूट देने की तैयारी है।
किसान मेले में केवल खेत की प्रमुख फसलों के बीज ही नहीं, बल्कि सब्जियों के छोटे पैकेट भी खरीद सकेंगे। इसमें धनिया, मेथी, पालक, मूली, गाजर, प्याज और फूलगोभी के बीज शामिल रहेंगे।
इस व्यवस्था का मकसद किसानों और छोटे उत्पादकों को कम मात्रा में भी अच्छी गुणवत्ता का बीज उपलब्ध कराना है।
फलदार पौधों से लेकर महोगनी और चंदन तक
पंतनगर किसान मेले में इस बार पौधों की भी बड़ी रेंज उपलब्ध रहेगी। आम, लीची, अमरूद, नींबू, अनार और अंजीर जैसे फलदार पौधे बिक्री के लिए रखे जाएंगे।
जो किसान खेती के साथ बागवानी जोड़ना चाहते हैं, उनके लिए यह हिस्सा खास हो सकता है। अलग-अलग फलदार पौधे किसानों को एक ही फसल पर निर्भरता कम करने का विकल्प देते हैं।
मेले में केवल फलदार पौधे ही नहीं होंगे। महोगनी, चंदन और यूकेलिप्टस के पौधे भी उपलब्ध कराने की तैयारी है।
किसान और बागवान पौधे खरीदने के साथ विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों से उनके रोपण और खेती से जुड़ी जानकारी भी ले सकेंगे।
पहली बार एग्री स्टार्टअप के लिए अलग पंडाल
120वें किसान मेले में पहली बार एग्री स्टार्टअप के लिए अलग पंडाल बनाया जाएगा। यहां खेती से जुड़े युवा उद्यमी अपने उत्पाद, तकनीक और समाधान किसानों के सामने रख सकेंगे। इस पंडाल में किसानों को नई कृषि तकनीक और खेत में इस्तेमाल होने वाले नए समाधानों को करीब से देखने का मौका मिलेगा। कृषि क्षेत्र में काम कर रहे स्टार्टअप के लिए भी यह सीधे किसानों तक पहुंचने का मंच होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इससे किसानों और कृषि उद्यमियों के बीच सीधा संवाद बढ़ेगा। किसान यहां यह समझ सकेंगे कि कौन-सी तकनीक उनके खेत, फसल या लागत के लिहाज से उपयोगी हो सकती है।
35 बड़े और 124 छोटे स्टॉल हो चुके बुक
मेले की तैयारियों के साथ स्टॉल बुकिंग भी तेजी से चल रही है। शनिवार शाम तक करीब 35 बड़े और 124 छोटे स्टॉल बुक हो चुके थे।
इन स्टॉलों पर कृषि से जुड़ी कंपनियां, संस्थान, बीज उत्पादक, कृषि उपकरण से जुड़े कारोबार और दूसरे प्रदर्शक अपने उत्पाद और तकनीक दिखाएंगे।
इससे किसान एक ही जगह अलग-अलग उत्पादों और तकनीकों को देख सकेंगे। किसी नए उपकरण या तकनीक को अपनाने से पहले उसके बारे में जानकारी लेने का अवसर भी मिलेगा।
किसानों तक जानकारी पहुंचाने के लिए निकले दो प्रचार वाहन
विश्वविद्यालय ने किसान मेले की जानकारी गांवों और आसपास के इलाकों तक पहुंचाने के लिए दो प्रचार वाहन भी भेजे हैं। ये वाहन नैनीताल, काशीपुर, रामपुर, बहेड़ी और खटीमा समेत आसपास के क्षेत्रों में जा रहे हैं। प्रचार वाहनों के जरिए किसानों को मेले की तारीख, थीम, बीज और पौधों की उपलब्धता, छूट और दूसरी सुविधाओं के बारे में बताया जा रहा है। विश्वविद्यालय का लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा किसानों को मेले तक लाना है, ताकि वे नई तकनीक और उपलब्ध संसाधनों का सीधे लाभ ले सकें।
स्मार्ट खेती, मिट्टी और पानी पर भी रहेगा फोकस
किसान मेला केवल बीज और पौधों की बिक्री तक सीमित नहीं रहेगा। यहां स्मार्ट खेती, मृदा स्वास्थ्य, जल प्रबंधन और टिकाऊ खेती से जुड़े विषयों पर भी जानकारी दी जाएगी। किसानों को कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों से सीधे बात करने का मौका मिलेगा। इससे वे अपनी खेती में आ रही समस्याओं, नई तकनीक और फसल प्रबंधन से जुड़े सवाल पूछ सकेंगे। खेती में लागत, पानी के बेहतर इस्तेमाल और मिट्टी की सेहत जैसे मुद्दे लगातार महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं। ऐसे में मेले का तकनीकी हिस्सा किसानों के लिए उतना ही उपयोगी हो सकता है जितना उन्नत बीज और पौधों की उपलब्धता।
किसानों के लिए एक ही जगह बीज, पौधे और तकनीक
3 से 6 अक्टूबर तक चलने वाला पंतनगर किसान मेला किसानों, कृषि वैज्ञानिकों, कृषि उद्योग और नए उद्यमियों को एक ही मंच पर लाएगा।
किसानों के लिए मेले की सबसे सीधी उपयोगिता 15% छूट पर उन्नत बीज, गेहूं की 22 किस्में, 4,000 कुंतल से ज्यादा गेहूं बीज, दलहन-तिलहन के बीज, फलदार पौधे और नई कृषि तकनीक की उपलब्धता है।
इसके साथ पहली बार लगने वाला एग्री स्टार्टअप पंडाल मेले में एक नया हिस्सा जोड़ेगा। किसान यहां ऐसी तकनीक और समाधान देख सकेंगे जिनका इस्तेमाल खेती में किया जा सकता है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने किसानों से 3 से 6 अक्टूबर के बीच मेले में पहुंचकर बीज, पौधों और कृषि तकनीक से जुड़ी जानकारी लेने की अपील की है।

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